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फर्रुखाबाद लोहिया अस्पताल में युवक की मौत के बाद 81,430 रुपये और मोबाइल गायब होने का आरोप, सीसीटीवी जांच की मांग

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सड़क हादसे में घायल सतेन्द्र ने अस्पताल में तोड़ा था दम, भाई ने अस्पताल कर्मी की पोशाक पहने व्यक्ति पर मोबाइल निकालने का लगाया आरोप

सीएमएस ने कहा- मामला गंभीर है, जांच कराई जाएगी; कादरीगेट पुलिस बोली- तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

लक्ष्मी शरण सिंह राठौर 

फर्रुखाबाद।

सड़क हादसे में भाई को खोने के बाद अब परिवार उसकी नकदी और मोबाइल फोन गायब होने के आरोपों को लेकर जवाब मांग रहा है। फर्रुखाबाद के डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल में सतेन्द्र की मौत के बाद उनके भाई गोविंद ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में उपचार के दौरान या मौत के बाद उनके भाई के पास मौजूद 81,430 रुपये और मूल मोबाइल फोन नहीं मिले। परिजनों ने अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराकर पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। मामले में अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।

राजेपुर थाना क्षेत्र के नाहरैया खंडौली गांव निवासी गोविंद के मुताबिक, उनके भाई सतेन्द्र 10 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे रिक्शे से लहसुन-प्याज खरीदने फर्रुखाबाद की सब्जी मंडी जा रहे थे। पांचालघाट पुल के पास सड़क हादसे में वह घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें 108 एंबुलेंस से डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाया।

गोविंद का कहना है कि सतेन्द्र के पास खरीदारी के लिए 81,430 रुपये नकद और रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन था। भाई के मोबाइल से सूचना मिलने के बाद वह परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे। उनके अनुसार, सतेन्द्र घायल अवस्था में जमीन पर पड़े थे और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद नकदी और मूल मोबाइल फोन का पता नहीं चला। परिवार को एक दूसरा मोबाइल दिया गया, जिसमें सतेन्द्र की सिम लगी हुई थी।


सीसीटीवी फुटेज को लेकर परिवार ने उठाए सवाल

गोविंद ने बताया कि उन्होंने 13 अक्टूबर को अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर इमरजेंसी की सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की थी। उनका दावा है कि फुटेज में अस्पताल कर्मियों जैसी पोशाक पहने एक व्यक्ति सतेन्द्र की जेब से मोबाइल निकालता दिखाई दे रहा है। परिवार का कहना है कि फुटेज और संबंधित अभिलेखों की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि मोबाइल के साथ क्या हुआ और नकदी कहां गई।

गोविंद ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी प्रार्थना पत्र देकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचने से लेकर उपचार और मौत के बाद तक के घटनाक्रम की उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और जांच में शामिल करने की मांग की है। हालांकि, फुटेज में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान, उसकी भूमिका और नकदी गायब होने के आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

परिजनों के मुताबिक, 15 अक्टूबर को कादरीगेट थाने में भी शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने, नकदी और मोबाइल बरामद कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। गोविंद ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी शिकायत की प्रतिलिपियां भेजने की बात कही है। उनका कहना है कि उन्हें अब तक कार्रवाई के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं मिली है।


अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने क्या कहा?

डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, कादरीगेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी ने बताया कि मामले में प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। दुर्घटना की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिवार को जांच से न्याय की उम्मीद

सतेन्द्र छह भाइयों में पांचवें नंबर पर थे। उनकी मौत से मां रामलली, पिता कृष्णपाल और परिवार के अन्य सदस्य शोक में हैं। परिवार की मांग है कि सीसीटीवी फुटेज और संबंधित अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कर नकदी और मोबाइल के बारे में स्थिति स्पष्ट की जाए।

फिलहाल, युवक की मौत के साथ नकदी और मोबाइल गायब होने के आरोपों ने अस्पताल की निगरानी व्यवस्था और मरीजों के सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब जांच के निष्कर्ष से ही स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम में क्या हुआ और किसी की जिम्मेदारी बनती है या नहीं।

 

 

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